प्रवासी भारतीय दिवस में शिरकत करने वाराणसी पहुंचे PM नरेंद्र मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में चल रहे प्रवासी भारतीय दिवस का औपचारिक उद्घाटन किया. ये पहली बार है जब इसका आयोजन वाराणसी में किया जा रहा है. सोमवार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में ‘युवा प्रवासी भारतीय दिवस’ की शुरुआत हुई थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रवीण जगन्नाथ भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहे.

15वें प्रवासी भारतीय दिवस की मुख्य थीम न्यू इंडिया रखी गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां कई देशों के प्रतिनिधियों से मिलने के अलावा मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रवीण जगन्नाथ से भी मुलाकात करेंगे. इस बार का प्रवासी भारतीय दिवस इस लिहाज से भी खास है कि इस बार रजिस्ट्रेशन के सभी रिकॉर्ड टूट गए हैं. बता दें कि प्रवासी भारतीय दिवस 21 जनवरी को शुरू हुआ और 23 जनवरी तक चलेगा.

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इस कार्यक्रम में कहा कि प्रवासी भारतीय दिवस की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने की थी, 2004 से 2014 के बीच इस दिवस का महत्व घटता चलता गया और एक रस्म बनकर रह गया. लेकिन मई 2014 में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ता संभाली तो इस दिवस में नई जान फूंक दी. हमारी सरकार ने देश के बाहर बसे भारतीय समुदाय के लोगों से सीधा संवाद किया था. मेडिसन स्क्वायर में जब प्रधानमंत्री ने भाषण दिया तो लोग पूछते थे कि क्या ये हॉल भर पाएगा, तो मैं मुस्करा कर कहती थी कि उसी दिन देखिएगा.

सुषमा ने इस दौरान मंच पर बैठे सभी अतिथियों को स्वागत किया, हालांकि इस दौरान वह मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रवीण जगन्नाथ का स्वागत करना भूल गईं. बाद में सुषमा दोबारा आईं और उनके बारे में बात की.

UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बोले …

योगी आदित्यनाथ ने यहां कहा कि कुंभ के साथ-साथ प्रवासी भारतीय दिवस का आयोजन करना उत्तर प्रदेश के लिए सौभाग्य की बात है. कुंभ आज एक वैश्विक मान्यता है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस बार ऐतिहासिक कुंभ का आयोजन हो रहा है.

गौरतलब है कि इस बार प्रवासी भारतीय दिवस में करीब 6000 से अधिक प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं जो कि एक तरह से रिकॉर्ड है. वाराणसी में आए हुए विदेशी प्रतिनिधियों के लिए इस बार यहां शानदार टेंट सिटी भी बनाई गई है, जिसमें विश्व स्तरीय सुविधाएं हैं.

बताया जा रहा है कि सम्मेलन के खत्म होने के बाद सभी प्रतिनिधि 24 जनवरी को प्रयागराज में चल रहे कुंभ मेले में जाएंगे, जबकि 26 जनवरी को राजधानी में गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे.