होटलों, रेस्टोरेंट्स में सर्विस चार्ज देना जरूरी नहीं: रामविलास पासवान

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केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने कहा है की  होटलों  और रेस्‍टोरेंट्स में सर्विस चार्ज देना जरूरी नहीं है, बल्कि पूरी तरह से कस्‍टमर की इच्‍छा पर है कि वह इसे देना चाहता है की नहीं,  रामविलास पासवान ने  यह साफ कर दिया है कि होटल्स और रेस्‍टोरेंट्स यह तय नहीं कर सकते कि ग्राहकों से कितना सर्विस चार्ज वसूला जाए ! केंद्रीय खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि इस संबंध में सभी राज्यों को जरूरी कार्रवाई के लिए गाइडलाइंस भेजी जा रही हैं। इस बारे में विभाग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दफ्तर (PMO) से भी राय मांगी थी।

पासवान ने ट्वीट करके बताया कि सरकार ने सर्विस चार्ज पर गाइडलाइन्स को मंजूरी दे दी है. इनके नियमों के अनुसार सर्विस चार्ज पूरी तरह से स्वैच्छिक है, न कि अनिवार्य. उन्होंने लिखा कि होटल और रेस्टोरेंट को ये नहीं तय करना चाहिए कि ग्राहक कितना सेवा शुल्क दें. बल्कि ये ग्राहक के विवेक पर छोड़ दिया जाना चाहिए.

मंत्री ने कहा कि दिशानिर्देश जरूरी कार्रवाई के लिए राज्यों को भेजे जा रहे हैं. दिशानिर्देश के मुताबिक बिल में सेवा शुल्क भुगतान के हिस्से को खाली छोड़ा जाएगा, जिसे ग्राहक अंतिम भुगतान से पहले अपनी इच्छा से भरेगा.

गौरतलब है कि लगातार ग्राहकों से शिकायत मिलने के बाद उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने होटल एसोसिएशन ऑफ इंडिया से सफाई मांगी थी. एसोसिएशन ने सरकार को लिखित जवाब में कहा है कि सर्विस चार्ज देना पूरी तरह से ग्राहकों की इच्छा पर निर्भर है. ग्राहक अगर रेस्टोरेंट और होटल में दी गई सुविधा से संतुष्ट नहीं है तो वह इस चार्ज को बिल से हटाने के लिए कह सकता है. हालांकि इसके बावजूद होटलों और रेस्टोरेंट्स ने बिल में सर्विस चार्ज जोड़ना बंद नहीं किया था. इस पर पासवान ने साफ किया कि अभी तक सभी रेस्टोरेंट गलत तरीके से सर्विस टैक्स ले रहे थे. उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि अब रेस्टोरेंट इस गाइडलाइन के बाद सर्विस टेक्स लेगा.’