फल्गु नदी को पानी विहीन कर जहानाबाद के खेतों को बंजर करने का रचा जा रहा षड्यंत्र – राहुल कुमार

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दैनिक टुडे (निज. संबाददाता) – गया और जहानाबाद के किसानों के हितों के मद्देनजर और खेतो की सिंचाई समस्या को ध्यान में रखकर सन 1962 ई. में उस समय के कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे स्व. लाल सिंह और जगदीश शर्मा के भागीरथी प्रयास पर नीतीश सरकार द्वारा उस पर पानी फेरने की भरपूर कोशिश कि जा रही है !

जगदीश शर्मा (फाइल फोटो )

दरअसल स्व. लाल सिंह के प्रयास से ही 1962 ई. में फल्गु नदी पर उदेरास्थान के पास बीयर बांध बनाने की योजना बनी थी, बाद में इस काम को पूरा करने का बिड़ा जहानाबाद के घोषी क्षेत्र के तत्कालीन विधायक जगदीश शर्मा ने उठाया तब जाकर इस बराज का उदघाटन हो सका था जिससे इस क्षेत्र के किसानों में अच्छी कृषि कि उम्मीद जगी थी लेकिन फिर से इस पर ग्रहण लगता दिख रहा है ।
ज्ञात हो कि 1991 में लालू यादव के सरकार में जल संसाधन मंत्री रहे जगदानंद सिंह ने तत्कालीन विधायक जगदीश शर्मा के आग्रह पर उदेरास्थान, घोषी एवं बंधुगंज सहित कई जगहों के फल्गु तट का दौरा करने के बाद इस बीयर को बराज के रुप में परिवर्तित करने का निर्णय लिया था। उन्होंने तब मुहाने नदी का मुंह बंद कर सारा पानी फल्गु नदी में छोड़े जाने की अनुशंसा कि थी और यह इसलिए क्योकि मुहाने नदी जिससे कि किसानों को कोई खास लाभ नहीं मिल रहा था इसकी बजह थी सतह के फल्गु से लगभग आठ फीट नीचे होना ।

जगदानंद सिंह (फाइल फोटो )

उदेरास्थान बीयर योजना के बाद से ही मुहाने का मुंह बंद कर दिया गया था, जिससे बिना कोई सार्थक लाभ और बिना काम वाली यह नदी सुख गई थी। बाद में सरकार ने इस नदी को किसानों के लिए निरर्थक मानते हुए इसी नदी की जमीन पर हुलासगंज के पास कन्दौल गांव में 132 केवी के पावर ग्रीड और हुलासगंज में अस्पताल की स्थापना कर दी तथा मृत हुई नदी में लगभग 8 हजार दलित परिवारों को बसने की जगह दे दी थी ।

बिदित है कि यह वही बराज है जिसका उदघाटन 29 जून 2017 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जल संसाधन मंत्री ललन सिंह के साथ खुद उदेरास्थान जाकर बटन दबाकर किया था और उद्घाटन से संबंधित तस्वीर अपने आधिकारिक सोशल मीडिया के पेज पर भी उन्होंने इसको डाला था !

आधिकारिक ट्विटर पेज पर – नीतीश कुमार का पोस्ट

उस क्षेत्र के किसानो एवं रहने वाले लोगों कि माने तो अगर जल संसाधन विभाग मुहाने नदी का मुंह एक बार फिर से खोल देता है और नदी में पानी आ जाने के बाद सरकार को वहां से अस्पताल, पावर ग्रीड को तो हटाने ही पड़ेगे बल्कि वहां रह रहे लगभग 8 हजार दलित परिवारों को दूसरी जगह विस्थापित करने के लिए फिर से करोड़ो रुपये खर्च करने पड़ेंगे। इसके साथ ही इससे 636 करोड़ रुपए की परियोजना वाला उदेरास्थान बराज भी प्रभावित होगा साथ ही साथ जहानाबाद के मोदनगंज प्रखंड में करोड़ो की लागत से चल रही मंडई बराज योजना भी प्रभावित हो जाएगी जिससे गया जिले के खिजरसराय,अतरी, नीमचक बथानी – जहानाबाद जिले के मखदुमपुर, घोषी, हुलासगंज एवं काको प्रखंड के किसान अपने खेतों के सिंचाई के लिए पानी को तरस जाएंगे। मुहाने नदी का मुंह खोलने के मामले की जानकारी होते ही जहानाबाद और गया जिले के लाखो किसानों ने वर्तमान सरकार और जल संसाधन मंत्री ललन सिंह के खिलाफ आक्रोश दिखाते हुए जन आन्दोलन कि चेतावनी दी है ।
इधर इस मामले की जानकारी मिलते ही घोषी के पूर्व विधायक व युवा नेता राहुल कुमार ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर किसानों के हित में मुहाने नदी का मुंह किसी भी कीमत पर न खोलने देने के लिये संबधित विभाग को आदेश देने का आग्रह किया है!

तथा उन्होंने याद दिलाते हुए कहा कि नितीश जी ने लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा था कि मैं जो संकल्प ले लेता हूं उससे पीछे नहीं हटता हूं , और इस बराज से कुल 41 हजार आठ सौ नब्बे हेक्टेयर की भूमि सिंचित करने के लिए इसका उदघाटन कर रहा हूँ लेकिन इन्ही की सरकार इनके इस संकल्प पर पानी फेरने का काम करने जा रही है , इसलिए मैं आग्रह करूंगा कि नीतीश जी जनमानस का ख्याल रखते हुए इस पर तत्काल रोक लगाने की दिशा में काम करें !