गाय के गोबर और गोमूत्र से बनाया जाएगा आर्गेनिक खाद : नीतीश

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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि पटना में आवारा घूमने वाली गायों और बैलों को गौशाला में ऱख कर उनके गोबर और और मूत्र का इस्तेमाल ऑर्गेनिक खाद बनाने में किया जाएगा.

मुख्यमंत्री के निर्देश पर पटना के डीएम संजय अग्रवाल ने पटना साहिब में एक गौशाला का निर्माण कराया है, जहां सडकों पर आवारा घूमने वाली गायों और बैलों को रखा जाएगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि ये गाय भले ही दूध न देती हो, लेकिन इनका गोबर और गौमूत्र काफी उपयोगी होता है और इनका इस्तेमाल ऑर्गेनिक खाद बनाने में किया जाएगा.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महागठबंधन सरकार में रहते हुए ही ऐसी गौशाला बनाने का निर्देश पटना डीएम को दिया था. तब उन्होंने कहा था कि बीजेपी केवल गौरक्षा का नाटक करती है, जबकि वो चाहते है कि वास्तव में गायों की रक्षा हो. उतर प्रदेश और अन्य राज्यों में गौरक्षकों के नाम पर हो रही गुंडागर्दी पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा था कि वो तो गायों की रक्षा कर रहें है, जबकि गौरक्षा करने का नाटक करने वाले लोग केवल बयान देते हैं. पहले तो उन्होंने ये भी कहा था कि उतर प्रदेश के शहरों में सबसे ज्यादा आवारा पशु सडकों पर घूमते हैं, लेकिन सोमवार को रक्षा बंधन के सम्बोधन में उनके सुर बदले हुए थे. जाहिर है अब वो बीजेपी के साथ बिहार में सरकार चला रहें हैं. इस अवसर पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी भी मौजूद थे. नीतीश कुमार और सुशील कुमार मोदी ने पटना के बीर कुंअर सिंह आजादी पार्क में पेड़ों को रक्षा सूत्र बांध कर रक्षाबंधन का त्योहार मनाया. इस अवसर पर नीतीश कुमार ने कहा कि वह 2011 से पेड़ों को रक्षा सूत्र बांध रहे हैं, ताकि लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़े. उन्होंने कहा कि हम पेड़ों को राखी बांध कर उनकी सुरक्षा का संकल्प लेते हैं.

नीतीश कुमार ने कहा कि जब झारखंड, बिहार से अलग हुआ था, तब केवल 9 प्रतिशत हरित क्षेत्र बिहार के हिस्से में आया था. हमने हरित क्षेत्र बढ़ाने का प्रयास किया और पाया कि हम 17 प्रतिशत तक इसे बढ़ा सकते हैं. 2017 में इसे 15 प्रतिशत करने का लक्ष्य है और उम्मीद है इस साल 24 करोड़ वृक्ष लगाकर हम इस लक्ष्य को प्राप्त कर लेंगे.

नीतीश कुमार ने इस अवसर पर अविरल गंगा और निरंतर गंगा की बात की और कहा कि गंगा कि अविरलता बनी रही इसके लिए उन्होंने दिल्ली और पटना में कई अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार कराये, विशेषज्ञों की राय ली. गंगा की सफाई के लिए पटना में ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की बात कही.