क्या आपको भी मिले हैं इनकम टैक्स का नोटिस, घबराए नहीं-करें ये उपाय

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नई दिल्ली: क्या आपको भी इनकम टैक्स विभाग के द्वारा टैक्स रिटर्न को लेकर नोटिस भेजा गया है? एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर आपको नोटिस मिला है तो बेवजह परेशान होने की जरूरत नहीं है। आईटी विभाग ने इस फाइनैंशल इयर में अब तक 8,000 स्क्रूटनी नोटिस भेजे हैं और यह 30 सितंबर तक जारी रहेगा। पिछले साल विभाग ने अप्रैल से सितंबर के बीच करीब 40 हजार नोटिस भेजे थे। क्योंकि टैक्स नोटिस केवल अप्रैल से सितंबर के बीच ही भेजे जा सकते हैं।

ICAI अहमदाबाद के चेयरमैन चिंतन पटेल ने बताया, ‘अब स्क्रूटनी नोटिस का सिस्टम काफी पारदर्शी हो चुका है। पहले सारे कागजात के साथ इनकम टैक्स ऑफिस जाने में लोगों में हिचक होती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है।’ कुछ और एक्सपर्ट्स के मुताबिक़ चिंता की कोई बात नहीं है क्योंकि स्क्रूटनी के नए ऑनलाइन सिस्टम में आईटी अधिकारियों के साथ सीधे मुलाकात नहीं होगी। वह कहते हैं कि लोगों को अब इनकम टैक्स नोटिस और विभाग को लेकर अपना नजरिया बदलना होगा। अब चीजें बदल चुकी हैं। आयकर विभाग के चीफ कमिश्नर पीसी मोडी ने कुछ दिनों पहले कहा था, ‘गलत रिटर्न फाइल करने वालों पर कार्रवाई होगी लेकिन अगर नोटिस मिलता है और आप सफाई दे पाते हैं तो हो संभव है कि कोई कार्रवाई न हो।’

पटेल ने बताया, ‘कुल फाइल हुए रिटर्न्स में स्क्रूटनी के लिए चुने गए केस काफी कम होते हैं। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) हर साल स्क्रूटनी की गाइडलाइंस जारी करता है। अनिवार्य स्क्रूटनी केवल उन्हीं की होती है जो पहले से जांच के घेरे में होते हैं।’ पटेल कहते हैं कि अच्छी चीज यह है कि अब टैक्सपेयर्स के पास स्क्रूटनी में पारदर्शिता है। पहले लोगों को लगता था कि नोटिस मिला है तो हर चीज की जांच होगी।

क्या करें अगर आए नोटिस?
टैक्स भरने वाले को अगर नोटिस मिलता है तो उसके पास जवाब देने का ऑप्शन होता है। टैक्सपेयर को विभाग के ऑफिस जाकर सवालों के जवाब नहीं देने वह ‘माई अकाउंट’ पर भी जवाब दे सकता है। यह वही अकाउंट है जो टैक्स रिटर्न फाइल करते समय बनता है। अब आप अपने जवाब फाइल कर सकते हैं और उसके साथ डाक्यूमेंट्स अटैच भी कर सकते हैं। आपको आईटी अधिकारी से मिलने की जरूरत नहीं है।