मंदसौर में आंदोलनकारियों ने कलेक्टर को खदेड़ा, फाड़े कपड़े

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मध्य प्रदेश के मंदसौर में आंदोलनकारी किसानों पर पुलिस फायरिंग में 6 किसानों की मौत हो गई है जिसके बाद राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गयी है. एक ओर जहाँ कांग्रेस ने इसे लेकर शिवराज सरकार को घेरते हुए राज्य भर में बंद का आह्वान किया है, वहीं सीएम शिवराज सिंह चौहान ने इसे कांग्रेस की सुनियोजित साजिश बताया है.

प्रदर्शनकारियों का गुस्सा साफ देखा जा सकता है कि मंदसौर में प्रदर्शनकारियों ने वहां के डीएम स्वतंत्र सिंह के साथ धक्कामुक्की की और उनके कपड़े तक फाड़ दिए. प्रदर्शनकारियों ने उन्हें और उनके साथ मौजूद अन्य अधिकारियों को वहां से खदेड़ दिया. प्रदर्शनकारी डीएम और एसपी के इतनी देर से पहुंचने को लेकर नाराज थे. वहीं डीएम ने बताया कि वहां गोलियां चलाने की इजाजत नहीं थी. मैंने किसानों को कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है.

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी प्रदर्शन में मारे गए लोगों के परिजनों से मिलने मंदसौर जाने वाले थे, लेकिन प्रशासन ने उनके हेलीकॉप्टर को लैंडिंग की इजाजत देने से इनकार कर दिया. इसके बाद अब कांग्रेस नेता उनकी यात्रा के लिए किसी दूसरी व्यवस्था पर विचार कर रहे हैं. तथा उनकी करीबी मानी जाने वाली मिनाक्षी नटराजन को पुलिस को हिरासत में ले लिया है.

राहुल गांधी ने इससे पहले मंगलबार को बीजेपी सरकार पर देश के किसानों के साथ ‘युद्ध’ करने का आरोप लगाया था . राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, ‘यह सरकार हमारे देश के किसानों के साथ युद्ध कर रही है.’ अगले ट्वीट में राहुल ने सवाल पूछते हुए कहा, ‘बीजेपी के न्यू इंडिया में हक मांगने पर हमारे अन्नदाताओं को गोली मिलती है?’

कांग्रेस के ही सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसे प्रदेश के लिए काला दिन बताते हुए ट्वीट किया, ‘मध्य प्रदेश के इतिहास में आज तक ऐसा कभी नहीं हुआ. हमारे अन्नदाताओं पर गोली चलाना दुखदायी और दिल को दहलाने वाला है. प्रदेश के लिए ये एक काला दिन है.’ सिंधिया ने साथ ही कहा कि अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे अन्नदाताओं के खिलाफ सत्ता के नशे में मगरूर सरकार तानाशाहपूर्ण तरीके से उनकी आवाज को कुचलना चाहती है.

बिदित है कि अपनी फसलों के लिए सही दाम सहित 20 सूत्री मांगों को लेकर राज्य में पिछले 1 जून से किसान आंदोलन कर रहे थे. बाद में मंदसौर में विरोध प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया और यहां हुई गोलीबारी में 5 किसानों की मौत हो गई. चश्मदीदों ने पुलिस पर फायरिंग का आरोप लगाया है, इस घटना के बाद प्रशासन ने इलाके में कर्फ्यू लगा दिया है, वहीं आस पास के इलाकों में धारा 144 लगा दी गई और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई थी.

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंदसौर हिंसा में मारे गए 6 किसानों के परिजनों के लिए एक-एक करोड़ रुपये मुआवजे और गंभीर रूप से घायलों को पांच लाख रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है. इसके अलावा मृतक किसानों के परिवार में से एक सदस्य को नौकरी भी दिए जाने की घोषणा की है. इससे पहले मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को मुआवजे की राशि 10 लाख रखी थी, हालांकि राज्य में बढ़ते विवाद और किसानों के गुस्से को देखते हुए उन्होंने इसे बढ़ाने का ऐलान किया.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विरोध-प्रदर्शन का ठीकरा कांग्रेस पर फोड़ते हुए कहा कि कांग्रेस ने हिंसा भड़काने का सुनियोजित प्रयास किया, जिसकी बलि हमारे कुछ साथी चढ़ गए. मंदसौर की घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए शिवराज ने किसानों से धैर्य रखने की अपील की और कहा कि वे किसी के बहकावे में ना आएं.