RBI ने बैंको को जारी किया अलर्ट : रैनसमवेयर वायरस का ATMs पर हो सकता है अटैक

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रैनसमवेयर साइबर हमले का शिकार जापान बना है। विश्व भर के 150 देशों में अफरा-तफरी की स्थिति पैदा कर देने वाले इस हमले ने अब तक 600 स्थानों के सैंकड़ों कंप्यूटरों को अपनी चपेट में लिया है। इंटरनेट के जानकारी रखने बालों के मुताबिक़ इंटरनेट पर अब तक का सबसे बड़े हमलों में से एक है।
अभी तक दुनिया के 99 देशों में रैनसमवेयर कंप्यूटर वायरस का हमला हुआ है , रैनसमवेयर कंप्यूटर वायरस मोबाइल-कंप्यूटर में घुसकर मांगता है लोगो से पैसे

आरबीआई और एनपीसीआई का अलर्ट
– इंडियन गवर्नमेंट ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई), स्टॉक मार्केट और एनपीसीआई को अलर्ट कर दिया है। सरकार की साइबर सिक्युरिटी आर्म ने इस संबंध में इन एजेंसियों को ‘डूज एंड डोंट्स’ जारी किए हैं और डाटा लीक जैसी कोई घटना रोकने के लिए पूरे उपाय करने की हिदायत दी है।
– ऑफिशियल सोर्सेस के मुताबिक, “गवर्नमेंट ने हालात से निपटने के इंतजाम किए हैं। इंडियन कंप्यूटर इमर्जेंसी रिस्पॉन्स टीम (सीईआरटी-इन) के सामने साइबर अटैक की कोई बड़ा मामला नहीं आया है।”

ऐसे रहें अलर्ट…
> संदिग्ध या फिशिंग ईमेल न खोलें
– अजनबियों से मिले ई-मेल न खोलें। जंक ई-मेल बिना खोले डिलीट कर दें। कम्प्रैस्ड या एमएस वर्ड फाइल सावधानी से खोलें। संदिग्ध फाइल न ही खोलें। ऐसी वेबसाइटों से भी बचें।
> बैकअप लेते रहें
– रेगुलर डेटा बैकअप ले रहे हैं तो रैन्समवेयर से प्रभावित फाइल भी रिकवर कर सकते हैं।
> लॉक होने पर भी फिरौती न दें
– अगर कम्प्यूटर लॉक हो गया है तो भी हैकर को फिरौती न दें। कोई गारंटी नहीं कि रैनसमवेयर भेजने वाला आपको एन्क्रिप्शन खत्म करने के लिए की भेज देगा। हां, अपराधी यह जरूर समझ जाएंगे कि आप आसान शिकार हैं। वे फ्यूचर में भी आपसे वसूली की कोशिश कर सकते हैं।
> फाइल नेम एक्सटेंशन न छिपाएं
– रैनसमवेयर वायरस अक्सर फाइल की एक्सटेंशन बदल देते हैं। यह हमें अपने सिस्टम में नहीं दिखाई देते। फाइल नेम एक्सटेंशन ऑप्शन शो करके रखें तो आसानी से संदिग्ध फाइलों को पहचान सकते हैं।

 

जापान की कंपनियों पर बड़ा हमला

निसान मोटर कोर्प ने इस बात की पुष्टि की है कि कुछ इकाइयों को निशाना बनाया गया लेकिन हमारे कारोबार पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा। हिताची की प्रवक्ता यूको तैनूची ने कहा कि ईमेल धीमे चल रहे थे या फिर पहुंच नहीं पा रहे थे। फाइलें खुल नहीं पा रही थीं।

अभी तक नहीं हुई फिरौती की मांग
कंपनी का मानना है कि हालांकि कोई फिरौती मांगी नहीं गई है लेकिन ये समस्याएं रैनसमवेयर हमले से जुड़ी हैं। समस्याओं को सुलझाने के लिए वे सॉफ्टवेयर डाल रहे हैं। कंप्यूटर हमलों से निपटने के लिए सहयोग करने वाली गैर सरकारी संस्था द जापान कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम कॉर्डिनेशन सेंटर ने कहा कि अब तक जापान में 600 स्थानों पर 2000 कंप्यूटरों के प्रभावित होने की सूचना है।सोमवार आने के साथ ही बढ़ा साइबर हमले का खतरा, कारोबारियों और संस्‍थानों के छूट रहे पसीने

इंटरनेट की दुनिया में बड़ा हमला

WANACRY नामक इस हमले ने ब्रिटेन के अस्पतालों के तंत्र, जर्मनी के राष्ट्रीय रेलवे, दुनिया भर की अन्य कंपनियों और सरकारी एजेंसियों को संचालित करने वाले कंप्यूटरों को पंगु बना दिया था। यह हमला इंटरनेट की दुनिया में सबसे बड़ी फिरौती की योजना हो सकता है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह दुनिया के बड़े हमलों में से एक है।

दफ्तर पहुंचकर पहला काम यह करें
– चेक करें कि कम्प्यूटर में एंटी वायरस और विंडोज के पैच अपडेट हों। ई-मेल में संदिग्ध लिंक दिखे तो क्लिक न करें। न ही ऐसी अटैचमेंट खोलें या डाउनलोड करें। पैन ड्राइव स्कैन करके ही यूज करें।
वायरस अटैक हो गया है तो यह करें
– अगर वायरस रन होना शुरू हो जाए तो सबसे पहले नेटवर्क केबल हटा दें, ताकि ऑफिस के दूसरे कम्प्यूटर संक्रमित न हों। कम्प्यूटर को तुरंत शट डाउन करें।