प्रद्युम्न मर्डर: बस कंडक्टर अशोक को मिली बेल

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गुरुग्राम : रेयान इंटरनेशनल स्‍कूल में आठ वर्षीय प्रद्युम्‍न ठाकुर की हत्‍या के मामले में गिरफ्तार आरोपी बस कंडक्‍टर को गुड़गांव कोर्ट से जमानत मिल गई है. इस मामले की जांच अब सीबीआई कर रही है और उसने 11वीं कक्षा के छात्र को गिरफ्तार किया है.

गुड़गांव कोर्ट में सीबीआई ने कंडक्‍टर अशोक कुमार की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान विरोध किया. अदालत के आदेश के बाद कंडक्‍टर अशोक तीन महीने बाद जेल से बाहर आएगा.

सीबीआई ने अशोक की जमानत का विरोध किया

– कोर्ट में सीबीआई वकील ने कहा कि केस की अभी जांच चल रही है। कंडक्टर अशोक को क्लीन चिट नहीं दी गई है। सभी फैक्ट्स पर हमारी नजर है। केस में जब तक सीबीआई चार्जशीट पेश नहीं कर देती, तब तक किसी को क्लीनचिट नहीं दी जा सकती।

– सीबीआई पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि अशोक को इस स्टेज पर राहत नहीं दी जा सकती, भले ही सीबीआई ने मामले में छात्र को आरोपी बनाया हो। इस मामले की जांच कर रही सीबीआई ने कोर्ट को सीसीटीवी फुटेज सहित अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी. जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सीबीआई के वकील ने कहा था कि अपराध में कुमार की भूमिका का अब तक पता नहीं चला है लेकिन उन्हें क्लीन चिट देने पर फैसला वैज्ञानिक रिपोर्ट आने के बाद ही किया जा सकता है.

वरुण के वकील बोले- केस में पॉक्सो एक्ट कठिनाई

– वरुण के वकील सुशील टेकरीवाल ने बताया कि गुड़गांव पुलिस मामले की जांच करती तो कोई विवाद था ही नहीं। चूंकि मामले की जांच अब सीबीआई कर रही है और उसकी स्पेशल कोर्ट पंचकूला में है। ऐसे में मामला गुड़गांव कोर्ट या पंचकूला कोर्ट में हो, इसकी स्थिति पहले स्पष्ट होनी चाहिए। टेकरीवाल ने बताया कि गुड़गांव पुलिस ने प्रद्युम्न मर्डर में आरोपी कंडक्टर अशोक पर हत्या, आर्म्स और पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज किया है।

– “पॉक्सो एक्ट के मामले की जिला कोर्ट में सुनवाई होनी चाहिए। हालांकि अब केस की जांच सीबीआई कर रही है और कंडक्टर अशोक को आरोपी नहीं माना है। ऐसे में पॉक्सो एक्ट का मतलब नहीं है। सीबीआई ने 11वीं के स्टूडेंट को अरेस्ट किया है। स्टूडेंट अगर एडल्ट घोषित होता है तो उसके लिए अलग गुड़गांव कोर्ट में सुनवाई होगी। यदि आरोपी नाबालिग घोषित होता है कि उसके लिए जुवेनाइल कोर्ट में सुनवाई होगी। ऐसे में इस केस में काफी पेचीदगी है। कोर्ट का क्षेत्राधिकार (ज्यूरिस्डिक्शन) पहले तय होना चाहिए।

वहीं आरोपी अशोक के वकील मोहित वर्मा ने दलील दी थी कि उनके मुवक्किल को फंसाया जा रहा है. वर्मा ने कहा, कुमार के पास से कुछ भी बरामद नहीं हुआ. उनकी जांच की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि सीबीआई इस मामले में रेयान स्कूल के एक छात्र को गिरफ्तार कर चुकी है.