टमाटर के बाद अब रुलायेगा प्याज, 20 महीने में भाव हुआ ऊपर

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टमाटर के बाद अब प्याज की कीमतों में तेजी आने लगी है. त्योहारों को देखते हुए मांग बढ़ने की वजह सेे घरेलू और वैश्विक बाजारों में स्टाकिस्टों की मांग बढ़ गई है. एशिया की सबसे बड़ी प्‍याज की थोक मंडी में भाव दो गुना से ज्‍यादा बढ़कर औसत भाव 26 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गए हैं. पुराने स्‍टॉक की कम आपूर्ति और नई खरीफ फसल में कमी आने की वजह से प्‍याज की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है. आपको बता दें कि एक साल पहले की समान अवधि में यहां प्‍याज की अधिकतम थोक कीमत 9.20 रुपए प्रति किलो थी. महाराष्‍‍‍‍ट्र की लासलगांव मंडी के भाव के आधार पर ही बाकी देश में प्‍याज की खुदरा कीमतें तय होती हैं.

नासिक स्थित नेशनल हॉर्टीकल्‍चरल रिसर्च एंड डेवलपमेंट फाउंडेशन (एनएचआरडीएफ) के डायरेक्‍टर पीके गुप्‍ता बताते हैं कि कम आपूर्ति की वजह से कीमतें बढ़ रही हैं. मौजूदा मांग को पुरानी रबी फसल के स्‍टॉक से पूरा किया जा रहा है, जिसका अब एक्सपोर्ट भी शुरू हो गया है. इसके अलावा मध्‍य प्रदेश से सीमित आवक हो रही है, क्‍योंकि राज्‍य सरकार वहां खरीद कर रही है.

कीमतें 20 महीने में सबसे ज्यादा…
राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास संघ एनएचआरडीएफ) की ओर से जारी आंकड़ों से पता चलता है कि लासलगांव में गुरुवार को प्याज का अधिकतम भाव 2600 रुपए प्रति क्विंटल दर्ज किया गया, जबकि औसत भाव 2300 रुपए प्रति क्विंटल रहा. नवंबर 2015 के बाद लासलगांव में यह सबसे अधिक औसत भाव है. सिर्फ लासलगांव ही नहीं बल्कि कई अन्य प्याज मंडियों में भी इसकी कीमतों में उछाल देखने को मिला है.

दिल्ली-NCR में भी बढ़े भाव…
दिल्ली और NCR की कई मंडियों में प्याज का रिटेल भाव पहले ही 30 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है. गुरुवार को दिल्ली में प्याज का रिटेल भाव 28 रुपए प्रति किलो और गुरुग्राम में 30 रुपए प्रति किलो दर्ज किया गया है.

क्यों बढ़ रही हैं कीमतें…
देश में प्याज की पैदावार तो अच्छी है, लेकिन इसके एक्सपोर्ट में हो रही बढ़ोतरी की वजह से कीमतों में इजाफा हो रहा है. दूसरी ओर बरसात की वजह से कई मंडियों में सप्लाई प्रभावित हुई है, जो कीमतों को बढ़ा रही है. गौरतलब है कि फाइनेंशियल ईयर 2017-18 के पहले महीने यानी अप्रैल में देश से प्याज एक्सपोर्ट में करीब 125 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. अप्रैल के दौरान देश से कुल 3,20,943 टन प्याज एक्सपोर्ट हुआ है, जबकि पिछले साल इस दौरान देश से सिर्फ 1,42,767 टन प्याज निर्यात हो पाया था.