सेंट्रल हॉल में GST समारोह आज , कांग्रेस करेगी बहिष्कार, राष्ट्रपति ने की सरकार के कदम की तारीफ

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नई दिल्ली: भारतीय संसद में आज केंद्र की मोदी सरकार इतिहास रचने जा रही है, सेंट्रल हॉल में शुक्रवार रात 11 बजे GST लॉन्च से जुड़ा कार्यक्रम होगा, जो आधी रात 12 बजे के बाद तक चलेगा. इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रधानमन्त्री मोदी, पूर्व पीएम एच डी देवेगौड़ा, सभी कैबिनेट मिनिस्टर और राज्यों के वित्त मंत्री शामिल होंगे, हालांकि कांग्रेस इस समारोह में शामिल नहीं होगी तथा इसका बहिष्कार करेगी. कांग्रेस का कहना है कि ये सिर्फ सरकार के प्रचार का शगूफ़ा है. कांग्रेस ने GST लागू करने के लिए पूरी तैयारी नहीं होने का भी आरोप लगाया. वहीं लेफ़्ट और टीएमसी भी अपने आप को इस समारोह से दूर रखेगी .

कांग्रेस पार्टी द्वारा गुरुवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने आधी रात के कार्यक्रम को गरिमा के खिलाफ बताया. आजाद ने कहा कि GST समारोह ठीक नहीं. मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए आजाद ने कहा कि जीडीपी गिरावट पर सरकार का कोई ध्यान नही है. सरकार बहरी है, उसे चीख पुकार सुनाई नहीं देती. कांग्रेस के साथ ही कुछ अन्य दलों ने भी इस समारोह में शामिल नहीं होने का फैसला किया है. तृणमूल कांग्रेस ने भी साफ कर दिया है कि पार्टी समारोह में हिस्सा नहीं लेगी. कांग्रेस के इस कदम से साफ हो गया है कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी इस कार्यक्रम में हिस्‍सा नहीं लेंगे. यह इसलिए अहम है क्‍योंकि मंच पर पीएम और राष्‍ट्रपति के अलावा दो पूर्व प्रधानमंत्रियों को भी आमंत्रित किया गया था.

भारत के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने 1 जुलाई से जीएसटी को लागू करने के केंद्र की मोदी सरकार के कदम की गुरुवार को सराहना करते हुए कहा कि इससे कई करों के भार से आजादी मिलेगी, जिसे लोगों को अबतक भरना पड़ता था. देश की 130 करोड़ की आबादी के लिए एक कर प्रणाली को लागू करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली का शुक्रिया अदा करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि अब तक उपभोक्ताओं को वस्तु एवं सेवाओं के उत्पादन मूल्य पर 30 से 40 फीसदी अधिक खर्च करना पड़ता था.

राष्ट्रपति ने कहा, वाजपेयी सरकार में वित्त मंत्री रहे यशवंत सिन्हा यहाँ तक कि वित्त मंत्री के रूप में मेरे कार्यकाल तक हमने GST के लिए प्रयास किया. मैंने GST के लिए साल 2011 में एक संविधान संशोधन विधेयक पेश किया. लेकिन वह आगे नहीं बढ़ सका था . राष्ट्रपति ने बजट सत्र को फरवरी के पहले दिन से शुरू करने तथा रेलवे बजट सहित स्वतंत्र भारत का पहला संयुक्त बजट पेश करने के लिए मोदी सरकार की प्रशंसा करते हुए इसे देश के अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा कदम बताया .
(इनपुट्स IANS )