भगवान एवं मां के बराबर है गाय का स्थान : हैदराबाद HC

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हैदराबाद हाई कोर्ट के जज जस्टिस बी शिवा शंकर राव ने कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा मिलना ही चाहिए। साथ ही उन्होंने गाय को पवित्र राष्ट्रीय धरोहर बताते हुए यह भी कहा कि गाय मां और भगवान की जगह पर है। बता दें कि कुछ दिन पहले ही राजस्थान हाई कोर्ट ने भी गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा देने की बात कही थी।

पशु व्यवसायी रामावत हनुमा की हाई कोर्ट में दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए जज ने यह बात कही। याचिकाकर्ता रामावत ने उसकी जब्त की गई 63 गायों की कस्टडी के लिए निचली अदालत में गुहार लगाई थी। निचली अदालत में अपील खारिज होने के बाद उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। याचिकाकर्ता का कहना है कि वह गायों को चराने के लिए अपने गांव के पास कंचनपल्ली गांव लेकर गया था। वहीं, दूसरी तरफ के पक्ष का कहना है कि रामावत गायों को बेचने के लिए ले जा रहा था ताकि बकरीद के दौरान गौमांस बेच सके।

जस्टिस बी शिवा शंकर राव ने रामावत हनुमा की अपील खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला दिया। सुप्रीम कोर्ट की उस टिप्पणी का जस्टिस राव ने हवाला दिया जिसमें कहा गया था कि मुस्लिमों को बकरीद के मौके पर स्वस्थ गायों को मारकर उनका मांस खाने का कोई संवैधानिक अधिकार नहीं है। वहीं उन्होंने आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के जानवरों का इलाज करने वाले डॉक्टरों को भी निर्देश दिया कि स्वस्थ गायों को दूध देने में असमर्थ बताने वाले डॉक्टरों पर भी कार्रवाई होगी।

बता दें कि आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में गायों को कत्लगाह में ले जाने की अनुमति तभी है जब डॉक्टरों द्वारा यह सर्टिफिकेट दे दिया जाए कि गाय अब दूध दे सकने में समर्थ नहीं हैं। जस्टिस राव ने यह भी बताया कि अब एपी काउ स्लॉटर ऐक्ट 1977 में संशोधन के बाद अब इस अपराध को गैरजमानती और गंभीर भी माना जाएगा।