चीन ने दी डोकलाम से तुरंत पीछे हटने की धमकी, कहा सब्र का इम्तेहान न ले भारत

0
751
-- Advertisements --

डोकलाम पर चीनी का आक्रामक रवैया जारी है चीन के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता और पीएलएन के कर्नल रेन गुओकियांग की ओर से जारी बयान के अनुसार चीन ने अब तक सद्भावना दिखाते हुए इस मामले पर कूटनीतिक हल का रास्ता अपना रखा था लेकिन इसकी भी एक सीमा है और सब्र का पैमाना छलकने लगा है। चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने भारत पर आरोप लगाते हुए कहा है कि भारत को इस मुग़ालते में नहीं रहना चाहिये कि देर करने से डोकलाम समस्या हल हो जाएगी। धमकी भरे अंदाज़ में चीनी सेना के प्रवक्ता ने कहा कि चीन की ज़मीन कोई भी देश ले नहीं सकता। चीनी सेना अपने भूभाग और संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम है। हालंकि भारत शांति से बातचीत के ज़रिये तनाव कम करने की हिमायत करता आया है लेकिन अब चीनी सेना ने डोकलाम पर भारत को धमकी दी है। उसने कहा है कि सब्र की सीमा खत्म हो रही है और भारत को फ़ौरन पीछे हट जाना चाहिए। PLA की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि चीन अपनी सीमा की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।

हाल ही में भारत में स्थित चीनी दूतावास की ओर से 15 पेज का बयान जारी किया गया था जिसमें डोकलाम में भारत की मौजदूगी को गलत ठहराने की कोशिश की गई। 50 दिनों से सिक्किम सेक्टर के पास भारत-चीन-भूटान के बीच ट्राईजंक्शन पर तनाव है और भारत-चीन की सेना आमने-सामने डटी हुईं हैं। इस दौरान चीन लगातार धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल करता आया है। इससे पहले चीन ने पेइचिंग स्थिति विदेशी दूतावासों, सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य देशों के प्रतिनिधियों और जी-20 के प्रतिनिधियों को डोकलाम पर भारत के ख़िलाफ़ फर्ज़ी सबूत पेश कर भड़काने की कोशिश कर चुका है।

गुरुवार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने राज्यसभा में चीन के मामले पर बयान दिया और कहा कि युद्ध कोई विकल्प नहीं है। भारत-चीन और भूटान इस मामले का समाधान बातचीत से निकालेंगे। सुषमा स्वराज ने कहा कि भारत अपने सम्मान की रक्षा के लिए तैयार है लेकिन शांति को प्राथमिकता देना हमारी नीती है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने चीन को डोकलाम इलाके को लेकर 2012 के त्रिपक्षीय समझौते के पालन की सलाह भी दी है।

-- Advertisements --