अपने आइडिया को खत्म न होने दें, ये बिलियन डॉलर का हो सकता है: मोदी

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नई दिल्ली.नरेंद्र मोदी शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ‘स्मार्ट इंडिया हैकाथन’ में स्पीच दी। मोदी ने कहा, “अपने किसी भी आइडिया को खत्म मत होने देना, वो बिलियन डॉलर का हो सकता है।” उन्होंने कहा, “सरकार सभी प्रॉब्लम्स को हल नहीं कर सकती। इसके लिए लोगों की भागीदारी अहम है।” स्मार्ट इंडिया हैकाथन में देशभर के 10 हजार स्टूडेंट्स शामिल हुए। इस दौरान स्टूडेंट्स ने मोदी को अपने प्रोड्क्टस और आइडियाज के बारे में बताया। मोदी के स्पीच की अहम बातें…
1# तकनीक ऐसे समाधान देती है, जिनके बारे में सोचा नहीं जा सकता
– मोदी ने कहा, “सबसे पहले मैं सभी नौजवानों को बधाई देता हूं और अभिनंदन करता हूं। जब आप अपनी ऊर्जा को गवर्नेंस की प्रॉसेस में चैनलाइज्ड करेंगे तो सकारात्मक नतीजे मिलेंगे। तकनीक हमें ऐसे समाधान देती है, जिसके बारे में पहले कभी सोचा ही नहीं जा सकता था। आने वाले समय में आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस का काम बढ़ता जा रहा है। थ्रीडी टेक्नोलॉजी के जरिए, थ्री डाइमेंशन ऑब्जेक्ट की प्रिंटिंग, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में मकानों के डिजाइन में इसका यूज होगा। एक ऐसी व्यवस्था बन रही है, जहां काफी कुछ इंटरनेट ऑफ थिंग्स से तय होगा।”
2# कभी ओवन के बराबर था रेडियो, आज माचिस की डिब्बी जितना है
– मोदी बोले, “आज जो शहर स्मार्ट सिटी में कनवर्ट हो रहे हों, वहां इसका जमकर उपयोग हो रहा है। टेक्नोलॉजी आज जिंदगी में बहुत बड़ा बदलाव कर रही है। फ्लॉपी, वॉकमैन आए और चले गए। नई टेक्नोलॉजी ने जगह ले ली। एक जमाना था, जब रेडियो आज के ओवन के बराबर होते थे। आज ये रेडियो माचिस की डिब्बी में फिट हो जाता है। आपने देखा होगा कि पिछले कुछ महीनों में कैसे हमारे देश में कैशलेस ट्रांजैक्शन का प्रचार तेजी से बढ़ा है। इस एरिया में भी इनोवेटिव सॉल्यूशन सामने आ रहे हैं। इतिहास वो लोग लिखते हैं, जो परंपराओं को चुनौती देते हैं, उनमें बदलाव लाते हैं। एक जरूरी बात है वो दृढ़ता है।”
3# जो जूझना जानता है, वो जीत का माद्दा भी रखता है
मोदी ने कहा, “कहानियां सुनी होगीं कि चींटी एक चीनी का दाना ले जा रही थी, कई बार कोशिश की, लेकिन नाकामयाब रही। आखिर में उसकी कोशिश कामयाब हुई। कई बार आपको असफलता मिल सकती है, लेकिन आपको हार नहीं माननी है। इसलिए जो जीत का संकल्प लेकर चलता है, वो जूझना जानता है। और, जो जूझना जानता है, वो जीत हासिल करने का माद्दा भी रखता है। जिस दिन आप सफल होंगे, उस दिन इसी दुनिया के लोग कहेंगे कि आपका रास्ता सही था। एक बात याद रखिएगा कि आप अपने प्रोडक्ट की क्वालिटी से समझौता मत करिएगा।”
4# आज का युवा खूब सवाल पूछता है, ये अच्छी बात
मोदी ने कहा, “आप सभी जितने इनोवेटिव, एनर्जेटिक हैं। देश की समस्याओं को सुलझाने के लिए आपकी एप्रोच न्यू इंडिया को और मजबूत करने वाली है। तकनीक जितनी तेजी से बदल रही है, वैसे ही आज की जनरेशन बड़ी तेजी से सोचती है, काम करती है। आज का युवा सवाल पूछता है, ये अच्छी बात है, वो हर बात को समझना और अपने नजरिए से देखना चाहता है। कुछ लोग ये भी कहते हैं कि उनमें धैर्य नहीं है, मैं कहता हूं कि यही बात इनोवेशन की प्रेरणा का कारण बन जाती है।”
5# केवल पैसा कमाने के लिए नहीं, कुछ करने के लिए आगे बढ़ें
– “मैंने देखा है कि ऐसे नौजवान नतीजे भी लाकर रहते हैं। कुछ कहते हैं कि आज का युवा मोनोटॉनस वर्क नहीं चाहता, बदलाव चाहता है। मैं मानता हूं कि उसकी यही सोच ऑटोमेशन में नए आइडिया ला रही है। युवा अगर पुराने ढर्रे में जीता, तो नयापन कहां से मिलेगा। आज का युवा एक ही समय में कई काम करना चाहता है। कुछ लोगों को ये समय की बर्बादी लगती है। मैं मानता हूं कि ऐसी विधा अच्छी होती है। ऐसा जो करता है, उसे प्रोत्साहन देना चाहिए। कुछ लोगों को युवाओं की एम्बिशन से प्रॉब्लम होती है। मैं आगे बढ़ने के पक्ष में हूं, लेकिन केवल धन के लिए ऐसा करने वाले कुछ नहीं कर पाते। लेकिन, कुछ कर गुजरने वाले खुद को भी देते हैं और दुनिया को भी।”
6# आज का युवा नौकरी की बजाय अपना काम करना चाहता है
मोदी ने कहा- “मेरे भारत का युवा समस्याओं का समाधान जल्द खोजना चाहता है। ऐसा युवा है, जो किसी की नौकरी की बजाय अपना काम करना चाहता है और दूसरों को रोजगार देना चाहता है। हमारे युवा लक्ष्य की कोई कमी नहीं है। आप जैसे युवाओं की क्षमता को ध्यान में रखते हुए सरकार स्टार्टअप इंडिया अभियान चला रही है।”
7# आइडियाज आज बिलियन डॉलर कंपनी चला रहे हैं
– मोदी बोले, “कभी जिन आइडियाज को बहुत छोटा समझा गया, वो आइडिया आज बिलियन डॉलर कंपनी चला रहे हैं। सभी को मेरी सलाह है। आपके सामने लंबा वक्त है। अपनी जर्नी में किसी भी आइडिया को कभी खत्म ना होने दीजिए। हो सकता है कि ऐसा कोई आइडिया बिलियन डॉलर कंपनी में बदल जाए और बिलियन लोगों को फायदा दे।”
– “आपको जो टास्क दिया गया है, आप उसका कोई न कोई सॉल्यूशन निकाल लेंगे। इस कार्यक्रम में केंद्र की 29 मिनिस्ट्रीज हिस्सा ले रही हैं। उन्हें जिम्मेदारी दी जा रही है कि इससे जो भी सॉल्युशन निकले, उसे आखिरी स्टेज तक ले जाया जाए और सुधार किया जाए।”
8# आज SEO की जरूरत
– मोदी ने कहा, “ज्ञान को बढ़ाने और निखारने से हुनर पैदा होता है। स्किल और नॉलेज दोनों ही जरूरी है। हमें SEO की जरूरत है। यानी स्किल, इंगेजमेंट और ऑप्टिमाइजेशन।”
हैकाथन इनोवेशन को प्रमोट करने का मंच
– मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड आईटी के मुताबिक, हैकाथन इनोवेशन को प्रमोट करने के लिए है। इसका मोटिव 29 मिनिस्ट्री और कई सरकारी डिपार्टमेंट की करीब 600 प्रॉब्लम्स का सॉल्यूशन खोजना है। इसमें 10 हजार स्टूडेंट्स शामिल हो रहे हैं और अपने आइडिया शेयर कर रहे हैं। । यह दुनिया की सबसे बड़ी हैकाथन होगी।”
– ”हैकाथन का फाइनल राउंड शनिवार सुबह 8 से शुरू हुआ और रविवार रात 8 बजे (36 घंटे) तक चलेगा। इस दौरान 28 अलग-अलग लोकेशन्स पर 1266 टीमें डिपार्टमेंट और मिनिस्ट्री की प्रॉब्लम्स पर काम करेंगी।”
बेस्ट सॉल्यूशन देने वाली टीम को मिलेगा इनाम
– मिनिस्ट्री के मुताबिक, ”स्टूडेंट्स रिलेटेड प्रॉब्लम के लिए सॉफ्टवेयर या मोबाइल ऐप बनाएंगे। इसे मिनिस्ट्री और इंडस्ट्री के एक्सपर्ट्स के पास भेजा जाएगा। बेस्ट सॉल्यूशन देने वाली टीम को एक लाख, दूसरी नंबर की टीम को 75 हजार और तीसरी को 50 हजार रुपए का इनाम दिया जाएगा।”
– ”अवॉर्ड विनिंग सॉफ्टवेयर और ऐप को सरकार गुड गवर्नेंस के लिए इस्तेमाल करेगी। अगर जरूरत हुई तो इसे अपग्रेड भी कराया जाएगा।”
पीएम के सवाल, स्टूडेंट्स के जवाब
Q. आप किन समस्याओं पर काम कर रहे हैं?

A. एक रक्षा कवच जो महिलाओं-बच्चों को सुरक्षित महसूस करवा सकता है। ये प्रोडक्ट उन्हें पहनना होगा। बीमारी, एक्सिडेंट, बुरी घटना, पीछा करने, बदतमीजी होने पर एंड्रॉयड एप्लिकेशन से जुड़ा प्रोडक्ट उनके घरवालों को इन्फॉर्मेशन भेज देगा।
Q. पुणे वाले बताएं कौन से क्षेत्र हैं, जो नागरिकों को सशक्त बना सकते हैं?
– हमारा प्रोडक्ट स्वच्छ भारत मिशन के लिए है। हमारी एप्लीकेशन दो पार्ट में है, पहली कमांड सिटिजन और दूसरी गवर्नमेंट के पास। जिओ टैकल्ड के थ्रू इन्फॉर्मेशन मिलेगी और कम्प्लेंट की भी फैसिलिटी भी मिलेगी।
Q. कोयम्बटूर वाले बताएं कि आप क्या कहना चाहते हैं?
A. सबा मोरानी ने कहा, “मेरा आइडिया है कि गाड़ी से जो प्रेशर जनरेट होता है, उसे इलेक्ट्रिसिटी में बदलेंगे। कितनी गाड़ियों से कितनी इलेक्ट्रिकल एनर्जी जनरेट हो सकती है, ये भी डाटा हासिल कर सकते हैं।
Q. नागपुर वाले क्या कर रहे हैं, रोड का काम या और भी कुछ?
A. अतुल मोदी ने कहा, “नेशनल हाईवे पर एंबुलेंस कैसे पहुंचा सकते हैं, ये हमारा प्रोडक्ट है। ऐप को एक्सेस कर तुरंत एंबुलेंस बुला सकते हैं, ऐप लोकेशन सेंड करेगी, जिससे ड्राइवर आसानी से वहां पहुंच सकता है।
Q. मैंने सुना सुबह नितिन गडकरी आए थे, रोड का काम नहीं दिया?
A. नागपुर के आशीष शिवनखेड़े ने कहा, “जी आए थे और हम एक ट्रैफिक ऑटोमेशन के आइडिया पर काम कर रहे हैं।’ इस जवाब पर मोदी बोले, “अब नितिन जी को लगेगा आपने कुछ का काम किया है।
Q. कोलकाता वाले क्या कर रहे हैं?
A. पूर्वा वडकामा ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के स्टूडेंट डिग्री के दौरान गांवों में सेवा दे रहे हैं। क्या ऐसा इंजीनियरिंग स्टूडेंट के लिए ऐसा हो सकता है। डॉक्टर एक पेशेंट को ठीक कर सकता है, तो इंजीनियर कोई समस्या दूर कर सकता है। इस पर मोदी ने कहा, “मैंने गुजरात में ये सिस्टम किया था, केंद्र सरकार भी ऐसा सोच सकती है।”
Q. इलाहाबाद वाले किस पर काम कर रहे हैं?
– चंद्रमोहन पुंडीर ने कहा कि हम एयरपोर्ट पर यात्रियों की सुविधाओं पर काम कर रहे है। एयर पैसेंजर को ऐप के जरिए एयरपोर्ट पर शॉप्स, ट्रायल रूम, एटीएम जैसी सभी फैसिलिटी की जानकारी मिल सकेगी।