जहानाबाद: नगर विकास एवं नगर निकाय कार्यों की जिला पदाधिकारी ने की समीक्षा; लंबित नाला निर्माण में तेजी, अमृत जलापूर्ति हेतु भूमि उपलब्ध कराने एवं छठ से पूर्व घाटों की सफाई के दिए निर्देश
जिला पदाधिकारी, जहानाबाद श्रीमती छिरिङ वाई भूटिया की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में नगर विकास एवं नगर निकायों से संबंधित कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज, अमृत जलापूर्ति योजना, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, नदी संरक्षण, छठ घाटों की तैयारी तथा विद्युत शवदाह गृह सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
समीक्षा में पाया गया कि नगर क्षेत्र में स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज का कार्य लगभग 18 से 20 स्थलों पर प्रस्तावित है, जबकि वर्तमान में मात्र पांच स्थलों पर कार्य संचालित है। जिला पदाधिकारी ने धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए लंबित स्थलों पर तत्काल कार्य प्रारंभ कराने, कार्यरत एजेंसी द्वारा पर्याप्त टीम लगाकर कार्य में तेजी लाने तथा गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं करने का निर्देश दिया। कार्य में शिथिलता को लेकर संबंधित अभियंताओं से स्पष्टीकरण प्राप्त करने का भी निर्देश दिया गया।
अमृत जलापूर्ति योजना की समीक्षा के दौरान ओवरहेड वाटर टैंक निर्माण हेतु आवश्यक भूमि की उपलब्धता पर चर्चा की गई। जिला पदाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों को चिन्हित लगभग 7 से 8 हजार वर्गफीट भूमि अनापत्ति प्रमाण-पत्र सहित 22-23 अगस्त तक उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि योजना के क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब न हो।
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट हेतु चिन्हित भूमि से संबंधित लंबित मामले के शीघ्र निष्पादन हेतु आवश्यक कार्रवाई करने तथा संबंधित पक्षों की सुनवाई कर प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की समीक्षा करते हुए जिला पदाधिकारी ने सभी नगर निकायों में डोर-टू-डोर शत-प्रतिशत कचरा संग्रहण, रंग-कोडित डस्टबिन का उपयोग, कचरा उठाव वाहनों की GPS टैगिंग तथा सभी वार्डों की मैपिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही स्वच्छता व्यवस्था एवं उपलब्ध सुविधाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया।
नदी संरक्षण के संबंध में जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन नालों का पानी नदी में गिरता है, वहां जाली लगाई जाए, ताकि ठोस कचरा नदी में प्रवेश न करे। किए गए कार्यों का फोटोग्राफ उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया। मोरहर नदी में लगभग छह किलोमीटर तक उड़ाही से संबंधित प्रस्ताव तथा विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन पर भी समीक्षा की गई।
आगामी छठ महापर्व को ध्यान में रखते हुए जिला पदाधिकारी ने अभी से ही घाट एवं मंदिर परिसरों की सफाई एवं रंग-रोगन प्रारंभ करने, घाटों पर समुचित प्रकाश व्यवस्था एवं सोलर लाइट की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। नदी किनारे उपलब्ध खाली भूमि पर पार्क निर्माण हेतु प्रस्ताव तैयार कर नमामि गंगे के अंतर्गत संबंधित विभाग को भेजने को भी कहा गया।
बैठक में लगभग 7 से 8 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित विद्युत शवदाह गृह के अब तक क्रियाशील नहीं होने पर जिला पदाधिकारी ने गंभीर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने नगर परिषद को अविलंब हस्तांतरण की प्रक्रिया पूर्ण करने, निर्माण संबंधी त्रुटियों को एजेंसी से दूर कराने तथा 15 से 20 दिनों के भीतर विद्युत शवदाह गृह को क्रियाशील करने का निर्देश दिया।
इसके अतिरिक्त सभी नगर निकायों को साइनबोर्ड/मार्केटिंग फेडरेशन के आउटलेट एवं मत्स्य बिक्री हेतु उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराने, सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध का सख्ती से अनुपालन कराने तथा लगाए गए जुर्माने का प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। जिला गंगा समिति की जानकारी के बिना नदी तट पर किसी प्रकार का नया निर्माण कार्य नहीं कराने का भी निर्देश दिया गया।
जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि नगर विकास से जुड़े कार्यों में समयबद्धता, गुणवत्ता एवं जनसुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लंबित योजनाओं को शीघ्र पूर्ण किया जाए।
उक्त बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, डीपीओ नमामि गंगे एवं सभी नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
