मैं नहीं हूं 2019 में पीएम पद का दावेदार : नीतीश

0
745

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि वो प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नहीं हैं.

उक्त बातें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना के एक कार्यक्रम के दौरान कही . इस दौरान जब पत्रकारों के समूह ने उनसे ये सवाल किया कि क्या वो 2019 का चेहरा होंगे तो उन्होंने उक्त बातें कही . नीतीश कुमार ने ऐसी किसी भी संभावना से इनकार करते हुए बोला कि वो आनेवाले 2019 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमन्त्री पद के उम्मीदवार नहीं होंगे.

नीतीश ने कहा ‘मैं इस काबिल नहीं’
नीतीश कुमार ने सिर्फ प्रधानमन्त्री पद की दावेदारी की संभावनाओं को सिरे से खारिज ही नहीं किया बल्कि उन्होंने ये भी कहा कि वो खुद को इस काबिल नहीं मानते. लेकिन उन्होंने यह जरूर कहा कि जो लोग ऐसा सोचते हैं उनका धन्यवाद.

हमें मुर्ख मत समझिये ‘
प्रधानमन्त्री पद की दावेदारी पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बोले, ‘हम इतने मूर्ख नहीं हैं, 2019 के दावेदार हम नहीं हैं.’ नीतीश कुमार ने आगे कहा, ‘ मेरे बारे में व्यक्तिगत आकांक्षा दिखाकर तरह-तरह की बातें की जाती है. शरद यादव जी जद यु अध्यक्ष नहीं बन सकते थे, हम पार्टी के अध्यक्ष बन गए तो इसे मेरे राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा के तौर पर देखा जाने लगा.’

नीतीश कुमार ने ये भी कहा कि जो लोग मुझमें ये क्षमता देखते हैं, उनका धन्यवाद करता हूं, लेकिन आगे कौन चेहरा बनेगा कोई नहीं कह सकता.

नीतीश कुमार ने नरेंद्र मोदी के पीएम बनने पर अपनी राय देते हुए कहा कि . पांच साल पहले मोदी जी को कौन जानता था, लेकिन उनमें क्षमता नजर आई तो हमारे देश के प्रधानमन्त्री बन गए.

सुप्रीम कोर्ट द्वारा चारा घोटाला केस में लालू यादव के आपराधिक साजिश का केस चलाने के आदेश के बाद बिहार बीजेपी के नेता सुशील मोदी ने नीतीश कुमार को समर्थन देने का खुला ऑफर दिया था. वहीं दूसरी तरफ महागठबंधन के नेताओं के बीच खींचतान की खबरें भी आती रही हैं. ऐसे में चर्चा इस बात की भी होने लगी है कि कहीं नीतीश कुमार घर वापसी कर बीजेपी का दामन फिर से न थाम लें.

गौरतलब है कि 2014 के लोकसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत से केंद्र में सरकार बनाने के बाद से ही राज्य विधानसभआ चुनावों में भी बीजेपी ने अपना परचम लहराया है. हाल ही में उत्तरप्रदेश में सरकार बनाने के बाद ये सवाल और मजबूत हो गया है कि प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी का मुकाबला करना इतना आसान नहीं होगा. विपक्षी दलों से ऐसी आवाजें उठ रही है कि 2019 में अगर बीजेपी को हराना है तो सभी दलों को एकजुट होना पड़ेगा. राजनीतिक पंडित भी नीतीश कुमार को पीएम पद का योग्य उम्मीदवार मानते हैं. ऐसे में नीतीश कुमार का आज का ये बयान कई अटकलें पैदा कर सकता है.