जादवपुर यूनिवर्सिटी में लगे ‘आजादी’ के नारे

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पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता स्थित प्रसिद्ध जादवपुर यूनिवर्सिटी में अब ‘आजादी’ के विवादास्पद नारे लगाने का मामला सामने आया है. यूनिवर्सिटी के फाइन आर्ट्स विभाग के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्र ने यहां कश्मीर, मणिपुर और नगालैंड के लिए ‘आजादी’ के नारे लगाए.

छात्र कह रहे थे, ‘हमें चाहिए आजादी. जोर से बोलो आजादी. आगे से बोलो आजादी, पीछे से बोलो आजादी. कश्मीर मांगे आजादी, नगालैंड मांगे आजादी. तेज बोलो आजादी, जोर से बोलो आजादी.’

दरअसल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिन्दु, बौद्ध तथा इसाइयों पर होने वाले अत्याचार के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय सेमिनार बुलाई थी. इसी के विरोध में छात्र विभाग के बाहर एकत्र होकर प्रदर्शन कर रहे थे, तभी उनमें एक छात्र सुबोमोय शोम ने आजादी के ये नारे लगाए.

इस बारे में पूछने पर शोम कहते हैं, ‘बांग्लादेश के अल्पसंख्यकों के मुद्दे पर RSS के सेमिनार के विरोध में यह प्रदर्शन है. RSS मुजफ्फरनगर और गोधरा में हजारों लोगों की मौत का कारण रहा है. हमें उनकी मंशा पर शक है. हमें लगता है वे अपने सांप्रदायिक हित साध रहे हैं.’

जेएनयू में पहली बार लगे थे आजादी के ऐसे नारे
इससे पहले पहली बार पिछले साल दिल्ली के जेएनयू में आजादी के नारे लगे थे. लेफ्ट विंग के स्टूडेंट्स संगठन के छात्रों पर अफजल की बरसी के दौरान प्रोग्राम कर आजादी के नारे लगाने का आरोप लगे थे. कश्मीर की आजादी के अलावा भारत तेरे टुकड़े होंगे जैसे नारे लगाए गए थे. इसके बाद जमकर हंगामा हुआ था. दिल्ली पुलिस ने एक्शन लेते हुए कन्हैया कुमार और उमर खालिद को अरेस्ट कर लिया था. इन पर देश्द्रोह का मुकदमा चल रहा है. दिल्ली पुलिस और मोदी सरकार के कार्रवाई की आलोचना भी हुई थी. उस दौरान भी कोलकाता की जाधवपुर यूनिवर्सिटी में जेएनयू के सपोर्ट में प्रदर्शन हुई थे.