अयोध्या विवाद : बुरे फंसे कपिल सिब्बल

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नई दिल्ली: गुजरात विधानसभा चुनाव की गहमागहमी के बीच राम मंदिर का मुद्दा एक बार फिर चुनावी दंगल में पहुंच गया है. इस मुद्दे पर बीजेपी का कांग्रेस पर हमला तेज़ हो गया है. इस बीच अयोध्या विवाद के एक पक्षकार हाजी महबूब अंसारी के उस बयान पर तूफान मच गया कि उन्होंने कपिल सिब्बल से सुनवाई टालने की बात नहीं कही थी.

अयोध्या विवाद के पक्षकार हाजी महबूब ने कहा, “मैं चाहता हूं कि जल्द से जल्द इस मसले का हल किया जाए.”

हाजी महबूब का कहना है, “कपिल सिब्बल ने किस वजह से ये कह दिया कि इसकी सुनवाई 2019 के बाद हो. उसे मैं गलत समझता हूं. मैं नहीं चाहता कि 1992 की तारीख फिर दोहराई जाए. कपिल सिब्बल हमारे वकील जरूर हैं, लेकिन वो कांग्रेस नेता भी हैं और हम लोगों को मालूम नहीं थी कि कोर्ट में वो ऐसी बात करेंगे.”

वो आगे कहते हैं कि राजनीति अलग चीज़ है और मस्जिद का मसला अलग है. कुछ की आस्था जुड़ी है तो कुछ के ईमान का सवाल है. इस मसले का जल्द से जल्द हल हो.

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में सुन्नी वक्फ बोर्ड की तरफ से कपिल सिब्बल बतौर वकील पेश हुए थे. सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि अयोध्या विवाद की सुनवाई जुलाई 2019 तक टाल दी जाए, ताकि इसका असर चुनाव पर न पड़े. उनके इस बयान पर बीजेपी कांग्रेस पर हमलावर है, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अहमदाबाद की एक रैली में कड़ी प्रतिक्रिया दी है. याद रहे कि हाजी महबूब सुन्नी वक्फ बोर्ड के सदस्य हैं.

बीजेपी का कांग्रेस पर अटैक

बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने इस मुद्दे पर कांग्रेस पर हमला किया है. संबित पात्रा ने अहमदाबाद में प्रस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि अब साफ हो गया है कि कपिल सिब्बल ने कोर्ट में जो बात कही, वो कांग्रेस नेता के तौर पर कही.

मोदी ने पूछा- चुनाव सुन्नी वक्फ बोर्ड लड़ेगा?

हाजी महबूब के बयान से पहले पीएम मोदी अहमदाबाद की चुनावी रैली में इस मुद्दे पर जमकर कांग्रेस पर बरसे. उन्होंने कांग्रेस से पूछा है कि क्या साल 2019 में सुन्नी वक्फ बोर्ड चुनाव लड़ेगा या कांग्रेस?

चुनाव के लिए राम मंदिर को लटकाना चाहते हो?- पीएम मोदी

रैली में पीएम मोदी ने कहा, ‘’कांग्रेस के सांसद कपिल सिब्बल सुप्रीम कोर्ट में मुस्लिम समाज का पक्ष रख रहे हैं. ये उनका हक है, मुझे इसपर कोई शिकायत नहीं है. वह बाबरी मस्जिद बचाने के लिए वकालत कर रहे हैं, मुझे कोई समस्या नहीं है.’’ उन्होंने आगे कहा, ‘’आप दलील रख सकते हैं लेकिन सुप्रीम कोर्ट में ये कहने की हिम्मत कर रहे हो कि साल 2019 के चुनाव तक सुनवाई टाल दी जाए, क्या आप (कांग्रेस) चुनाव के लिए राम मंदिर को लटकाना चाहते हो?’